क्रोधाद्भवति संमोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः। स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति॥
krodhād bhavati saṁmohaḥ saṁmohāt smṛti-vibhramaḥ | smṛti-bhraṁśād buddhi-nāśo buddhi-nāśāt praṇaśyati ||
क्रोध से विवेकहीनता (संमोह) उत्पन्न होती है, विवेकहीनता से स्मृति का भ्रम होता है, स्मृति-भ्रम से बुद्धि (निर्णय क्षमता) का नाश होता है और बुद्धि नष्ट होने पर मनुष्य का सर्वनाश हो जाता है।